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सेंटर फॉर सोलार एनर्जी मटेरियल्स

गत दशक ने सोलार (सौर) प्रौद्योगिकी को विश्‍व में विद्युत प्रजनन के लिए संभवतःप्रमुख प्रौद्योगिकी की तरह उभरते हुए देखा है | विगत - दस वर्षों में अनुभव किये गये विशाल और निरंतर वर्धन से आनेवाले वर्षों में भी इसके जारी रहने की उपेक्षा की जाती है | इस दिशा में भारत के जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय सौर मिशन (जेएनएसएम),भारतीय सोलर उद्योग और सहबद्ध अनुसंधान और विकास में विभिन्न सोलर प्रौद्योगिकियों के विकास के लिए कम लागत के पैनलों के निर्माण कार्य करने में बढ़ावा प्रदान करता हैं | एआरसीआई में सेंटर फॉर सोलर एनर्जी मटेरियल्स (सीएसईएम) की , सोलार फोटोवोल्टायिक और लागत प्रभावी ढ़ग से सौर उर्जा के कुशल प्रग्रहण, परिवर्तन, भंडारण और उपयोगिता से संबंधित सौर तापीय क्षेत्र में प्रौद्योगिकियों के विकास और प्रदर्शन की दूरदृष्टि से, स्थापना की गयी है | फोकस के प्रमुख क्षेत्र निम्नानुसार है:

  • सीआईजीएस थिन फिल्म सोलार सैलों के निर्माण के लिए पॉयलेट स्केल अनुसंधान और विकास
  • सीआईजीएस के लिए इंक आधारित रूटों और गैर - वैक्यूम ट्रीटमेंट
  • सीआईजीएस परतों का वैद्युतिक निक्षेपण
  • ठोस इलेक्ट्रोलाइट डाय संवेदीकृत सोलार सैल्स
  • सोलार सैलों / उपकरणों का निष्पादन मूल्यांकन और परीक्षण
  • सीएसपी अनुप्रयोगों के लिए उच्च अव - चूषक और कम उत्सर्जक कोटिंगों का विकास
  • सोलार पैनलों के लिए परिवर्तन रोधी और स्वयं सफाई करनेवाली कोटिंगों का विकास