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सेंटर फॉर कार्बन मटेरियल्स

अपने असाधारण गुणों के कारण कार्बन वैज्ञानिकों के साथ-साथ शिल्पवैज्ञानिकों के लिए भी बहुत महत्व रखता है| इसके अनूठे लक्षण इसे कई अनुप्रयोगों के लिए सर्वतोमुखी सामग्री बनाते है जो घरेलू उपयोगिताओं से लेकर अंतरिक्ष, रक्षा, नाभिकीय ऊर्जा और नये ऊर्जा स्रोत कार्यक्रमों जैसे उच्‍च प्रौद्योगिकियों , व प्रमुख उद्योगों के काम आता है| कार्बन का अलोट्रापिक रूप जैसे कार्बन नैनोट्यूब्स जिनकी स्तुपाकारीय नैनोसंरचना ने इसकी शक्ति, कडेपन और चिपचिपाहट जैसे गुणों के अनूठे संयोजन के कारण इसने हाल ही के वर्षों में बहुत अधिक आकर्षित किया है| ये ही अन्य संचारक सामग्रियों क़ी तुलना में बहुत उत्कृष्ट तापीय और वैद्युतिक संचालकता प्रदर्शित करते है| कार्बन नैनोट्यूबों की उत्पत्ति की कई तकनीकियाँ है जैसे ग्रेफाइट का आर्क डिस्चार्ज, ग्रेफाइट का लेजर अब्लेशन, रासायनिक वाष्प निक्षेपण (सीवीडी), फ्लेम संश्लेषण आदि|

सेंटर फँर कार्बन मटेरियल्स(CCM) में, ग्रेफाइट के आर्क डिस्चार्ज और CVD नामक मुख्य रूप से दो पद्धतियों से कार्बन नैनोट्यूबों का (क) पॉलिमर, धातु, सिरैमिक, कार्बन आदि जैसे विभिन्न उत्पत्ति स्थानों में CNT के साथ पुनर्बलन, उच्च निष्पादन, उन्नत संयोजनों, (ख) फील्ड एमिटरों (ग) ताप छितराव अनुप्रयोगों के लिए नैनोफलूइडस, नैनोफ्लुइड्स (घ) बैटरियों, सुपर कैपसिटरों और सोलर सैलों (ड) हाइड्रोजन और अन्य गैसों का अवचूषण (च) EMI की शील्डिंग अनुप्रयोगों जैसे विभिन्न संभाव्य अनुप्रयोगों के लिए उपयोग में लाया जा रहा है | अनुप्रयोगों में से किसी के लिए नैनोटयूबों का उपयोग करने से पहले उसमें सम्मिलित संश्लेषण, शुद्धिकरण,क्रियात्मकता और उनका छितराव महत्वपूर्ण कदम है |